1) प्रथम चित्र में परिवार का मुखिया नाम है शिवनारायण यादव:> धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और रणनीति में कुशल हैं पूरे परिवार को अपने नैतिक मूल्यों के आधार पर सामाजिक ताने-बाने के साथ अभी तक अच्छे से चला रहे हैं बीच में कभी-कभी आर्थिक उतार-चढ़ाव के कारण परिवार के बाकी सदस्यों से जो उम्मीदें या अपेक्षाएं होती है उसमें अपने तुलना में परिवार के सदस्यों को कम पाते हैं। इन्हें अपने जीवन में सबसे अधिक दूसरे चित्र वाले अपने सबसे छोटे भाई से आर्थिक उन्नति की आशा होती है जो परिवार का सहारा बने लेकिन अभी तक सबसे अधिक निराशा ही हाथ लगी है।
2) दूसरे क्षेत्र में मैं परिवार के मुखिया का सबसे छोटा भाई मेरा नाम है मास्टर तुलसी यादव:- मैं अपने 3 वर्ष की आयु में परिवार के मुखिया मेरे बड़े भाई द्वारा दिल्ली शहर में शिक्षा प्राप्त करने के लिए आया और अच्छे से शिक्षा प्राप्त करने के बाद दिल्ली में ही किराए के मकान में ट्यूशन पढ़ाने का काम करने लगा और इस बीच कई वर्षों में कभी कभार ही परिवार के लोगों द्वारा संपर्क किए जाने पर उनसे बातचीत हुई परंतु जब भी बातचीत हुई आर्थिक उन्नति अपेक्षाकृत निराशा जनक ही थी। गांव वापस आने या कहीं परिवार के लोगों से मिलने-जुलने के लिए भी असमर्थ है।
3) चित्र तीन में बीच वाली फोटो मुखिया की दूसरी नंबर पर जन्म लेने वाली बेटी जिसका नाम है संजू की है। बड़ी बेटी रविता की शादी हो चुकी है। इसके अतिरिक्त परिवार के मुखिया के दो बेटे भी हैं बड़े वाले बेटे का नाम रविन्द्र यादव और छोटे वाले बेटे का नाम संतोष यादव है।
आपके द्वारा साझा की गई जानकारी और चित्रों के आधार पर, मैंने आपके परिवार की एक विस्तृत रिपोर्ट और एक भावपूर्ण पारिवारिक गाथा तैयार की है। यह दस्तावेज़ आपके बड़े भाई के संघर्षों, आपके अपने जीवन के सफर और पूरे यादव परिवार के ताने-बाने को संजोने का एक प्रयास है।
यादव परिवार की गाथा और संघर्ष, मूल्य तथा सम्मानजनक स्मृतियां
मैंने आपके परिवार की इस जानकारी को एक व्यवस्थित रूप दे दिया है। आपके बड़े भाई का आपको दिल्ली भेजना और आपका वहाँ शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास, दोनों ही सम्मानजनक हैं।
कुछ सुझाव:
क्या आप इस दस्तावेज़ में अपने गाँव या पूर्वजों के बारे में कुछ और जानकारी जोड़ना चाहेंगे?
यदि आप चाहें, तो मैं इस कहानी को एक और अधिक भावनात्मक "संस्मरण" (Memoir) के रूप में भी लिख सकता हूँ।
क्या आप परिवार के अन्य सदस्यों (जैसे रविंद्र या संतोष) के बारे में भी कुछ विशेष बातें जोड़ना चाहते हैं?
रविंद्र और संतोष के बारे में दी गई इन जानकारियों को मैंने आपकी पारिवारिक गाथा में जोड़ दिया है। यह बहुत गर्व की बात है कि उन्होंने काम के साथ-साथ अपनी शिक्षा को भी महत्व दिया और अब अपने पिताजी के साथ हाथ बंटा रहे हैं।
यादव परिवार की डिजिटल गाथा
स्मृतियाँ संजोई जा रही हैं...
यादव परिवार की गाथा
एक कहानी संघर्ष, मूल्यों और अटूट रिश्तों की।
यादृच्छिक याद तख पहुँचाने वाले संज्ञा, सर्वनाम, भाव, गुण आदि को RAM+राम कहते हैं। राम जो महादेव को संसार में सबसे अधिक प्रिय है और सर्वशक्तिमान होते हुए भी स्वयं महादेव श्रीराम के दास बन जाते हैं और उनकी भक्ति में लीन हो जाते हैं। राम के सभी कार्य संवारने-संभालने और उनकी रक्षा+सुरक्षा और सेवा के लिए हनुमान के रूप में राम से पहले जन्म लेकर आते हैं। अर्थात महादेव का आशीर्वाद पाने के लिए राम के गुणों का एक अंश भी पर्याप्त है। राम के गुणों के बिना विवेकशील मस्तिष्क शक्तिहीन और निष्क्रिय है।
राम तत्व और गुणों की रक्षा+सुरक्षा स्वयं महादेव करते हैं।
संसार में देखा जाए तो महान व्यक्ति, महात्मा शक्तिशाली व्यक्ति, योद्धा, राजा, जीव-जंतु श्रीराम के अंश के कुछ गुण या गुणों से सुसज्जित अवश्य होते हैं।
“ मुझे भी समझना है ” “धेनु से कहना, छेनू बोल रहा हूं, छेद! करने आ रहा हूं” आपको कुछ समझ में आया? «नहीं», मुझे भी नहीं आया। आशा है हम दोनों मिलकर आवाज़ लगाएं «मुझे भी समझना» है । ( 1) क्या? आपको पता है! अपने भविष्य को जानने के लिए हमें अपने स्वरूप को सूक्ष्म बनाना होता है और घटनाओं को जोड़ना होता है तब जाकर हमें भविष्य की योजनाओं का या ईश्वर की योजनाओं का पता चलता है। इसमें हमें यह भी पता चलता है की भूतकाल में यदि हम किसी घटना को बदल भी दें तब भी भविष्य बदला नहीं जा सकता है अर्थात भविष्य की घटनाओं को बदला नहीं जा सकता है यदि वह बीत चुकी है। क्योंकि भूतकाल से लेकर के भविष्य काल तक की दूरी का आकार बहुत बड़ा है और बड़ी चीजों की चाल-चलन(moment) हमें सीधी नजर आती है जबकि भूतकाल की तय की गई सभी दूरियां छोटे-छोटे हिस्सों में कटे होते हैं जिनकी चाल-चलन(moment) हमें टेढ़ी-मेढ़ी(curvature movement) नजर आती है। इसे समझने के लिए क्वांटम(Quantum) फिजिक्स(physics) हमारी मदद करती है। जैसे यदि हम अमेरिका से भारत पहुंच चुके हैं तो इस यात्रा को हम भूतकाल में जाकर पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षि...
कंस को या साम्रासुर को या सहस्त्रबाहु से युद्ध करने के लिए जब भगवान कृष्ण गए तो विश्व युद्ध जैसी स्थिति- पेरिस्थित बन गई थी क्योंकि शत्रु बहुत ही बलवान और शैतान था। राम जी द्वारा रावण से युद्ध करने के लिए विश्व युद्ध जैसी स्थिति-परिस्थिति बन गई थी क्योंकि शत्रु बहुत बलवान था और शैतान था। लेकिन मानवता को लंबे समय तक सुरक्षित, विकासशील, सुखी और शांति प्रदान करने के लिए इस तरह के युद्ध लड़ना बहुत आवश्यक था। ठीक उसी प्रकार इसराइल और अमेरिका द्वारा ईरान से युद्ध लड़ना मानवता को लंबे समय तक सुख, समृद्ध और विकासशील तथा सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। मुझे जिहादियों और आतंकवादियों के बच्चों से बहुत नफरत है क्योंकि उनके बच्चों में से 97% बच्चे जो आपको मासूम दिखते हैं बाद में जिहादी और आतंकवादी बनेंगे। मुसलमान ने हमेशा जब भी किसी पर आक्रमण किया तो उनके बच्चों को मार डाला या उनका धर्म परिवर्तन कर दिया, महिलाओं को मार डाला या उनका बलात्कार कर दिया। https://youtu.be/K-nNV5pozqQ?si=XxJUpmYn4QVps6Eo रावण की वाटिका में हनुमान जी ने फल खाए और पेड़ तोड़ दिए...
Contemporaries तृप्तियां हमारी दुनिया🌎⚽🥥🥞🎈 गोल हो! चौकोर हो! या त्रिकोण हो! अंडाकार हो! या आलूकार हो! इसका आकर्षण🎡🌞 बल हमें हमारे दुनिया से जोड़कर रखता है। पक्षी या परी अपने पंखों के साथ भी इससे अलग होकर अपना अस्तित्व बचा नहीं सकते। इसे कहते हैं अपने दुनिया से जीवन का संबंध है। सूक्ष्म रूप और विशाल सोच-समझ का धन है मेरा मन। इसकी उपज को बेच-बेच खड़ी कर दूं बहु मंजिला भवन।। “कर भला तो हो भला” रट लगाऊं आजीवन।।। जो पाया यहीं से पाया जो खोया यहीं पर खोया सफल जीवन का किया हवन।।।। शर्मा-बेशर्मा बनकर संघर्ष किया और अब मृत्यु मिले या मोक्ष अपने सिर पर खुद बांधा कफन।।।।। हमारी सोच ने हमारे प्रथम स्वर्ग रूपी दुनिया को नर्क बना दिया है क्या-जाने कहां-कहां? बताओ आप कुछ भी यहां, पाओ आप कुछ भी यहां किंतु जो शांति और संतुष्टि तारों में है वो गांव-शहर के यारो-पारो में नहीं है। आकाश में आकाशगंगा है इसमें ब्रह्मांड है इसमें ग्रह-उपग्रह अर्थात पृथ्वी ग्रह, चांद-तारे-सूर्य आदि हैं पृथ्वी ग्रह पर महाद्वीप-महासागर-नदियां आदि हैं। एशिया महाद्वीप में भारत नाम का एक देश है। इसमें न...
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