मैं बालक आप हो माता











मैं बालक आप हो माता

ममा-मां-मैया,मम्मी-अम्मी जगत जननीं माता। आपके नाम से हमें जो कुछ भी है आता, इन सब में आपसे जुड़ा है हमारा गहरा नाता क्योंकि ब्रह्मा-विष्णु-महेश ने बनाया है हमें आपका बालक और आपको हमारी माता।। आपकी शान में जागूं सारी रात सुनाऊं जगराता।।। कोई करे पसंद,खूब-पसंद और किसी के मन को बिल्कुल भी नहीं भाता, इसमें हमारा कुछ नहीं जाता।।।। कोई सीता के नाम से है पीता-खाता और कोई राम के नाम से है आता-जाता।।।।। ‘उम्र-बीती, युग-बीता जन्म लिया कई बार, स्वभाव-बदली, घर-टूटा, रूठ गया संसार’ ।।।।।। सदैव रहेगा हमारा रिश्ता-नाता क्योंकि हम बालक आप हो माता इसके सिवा हमें कुछ भी नहीं और सब कुछ है आता।।।।।।






जीवन को नर्क बनाने के लिए एक जागरूक तरीक़ा द्वारा आप शिक्षित कर रहे हो😢
अच्छे उदाहरण देकर अप्राकृतिक क्रिया करने के लिए उकसाने की शिक्षा दे रही हो। 
https://youtu.be/eFnYulEhU2w?si=B5eI7Mp4WDmWelIl

अपने जीवन में क्या कोयले को उपयोग में लाना या कोयले की कालिख हाथ-पैर में लग जाना पाप या अपराध है? कोयले के कारखाने में कार्य कर रहे परिश्रमी लोगों को रंडियों या अश्लील व्यभिचारी सेल्फी, रील, विडियो बनाने वाली से नीच या नीचे मानना या समझना चाहिए?

https://youtube.com/shorts/Do7-XI2xXV0?si=oYDT-I5XOaPwpTNZ

मक्खी-मच्छर कीड़े-मकोड़े, कुत्ते-बिल्ली, सांप-सुअर से भी अधिक नीच और गंदा तथा बीमारी फैलाने वाला आपकी नज़र में आज मनुष्य-मानव-इंसान में पुरुष-नर-मर्द या लड़का जाति हो चुके हैं जिसके चूमने, छूने, पकड़ने,देर तक देखने, लड़कियों की तारीफ या प्रशंसा करने पर आप उसे दंडनीय पापी, अपराधी घोषित कर के कानूनी सज़ा या फांसी दिलवाना चाहती हो।

https://youtube.com/shorts/HPXC0JP3Ws8?si=L07hWyeDsuv1S2XI
मनुष्यों में स्त्री या लड़कियां मक्खी-मच्छर, कीड़े-मकोड़े, कुत्ते-बिल्ली, सांप-सुअर, सुक्ष्म कीटाणु, कबूतर, चील, गिद्ध आदि जीवों द्वारा स्त्री या लड़कियों के इच्छा या अनिच्छा से छुई जाती है, चूमी जाती है या बुरी तरह से काटी जाती हैं फिर भी जागरूकता का ज़हर केवल मनुष्यों में  पुरुष या लड़के जाति के विरोध में फैलाना है या अपराधी केवल मनुष्य में पुरुष जाती है। https://youtube.com/shorts/rus6Fgxh8UQ?si=75141qDykRe2GR5d 

ऐसा इसलिए है क्योंकि हम पुरुष जाति के लोग यह भूल चुके हैं कि हमारा किसी स्त्री या माता के गर्भधारण से भी पहले से शत्रु केवल स्त्री जाति है। XX and XY इसमें जो जीवित रहते हैं वही गर्भाशय में भ्रूण का रूप लेते हैं ।पुरुष अपने आप में पूर्ण पवित्र आत्मा है जबकि स्त्री यार लड़की जाती पुरुष के बिना अधूरी है।

https://youtube.com/shorts/0lOrvPJqKeI?si=bh4oWjAl2eEzyRkh

अब यह भी बताओ? शरीर की साफ-सफाई स्वास्थ्य के लिए अच्छा है लेकिन रूप-रंग परिवर्तन, सजावट, लिपस्टिक, या मेकअप, नाक-कान छिदवाना, गोरी चमड़ी का या breasts-buttocks का उभार नुमाइश करना या दिखाना, चमकीले कामुक भड़कीले कपड़े स्त्री जाति के सेहत-शरीर या स्वास्थ्य को किस तरह के लाभ पहुंचाने की कोशिश होती है? इन सब क्रियाओं में स्त्री और लड़की की कामुकता कामवासना के लिए पुरुष या लड़के को आकर्षित करने की होती है। अब बड़ी बात यह है कि लड़कों को आकर्षित करके लाखों करोड़ों में से ऐसे पुरुष या लड़के का चुनाव करना जो आसपास सबसे अधिक शक्तिशाली है सबसे अधिक सुंदर चालाक हैं सबसे अधिक धनवान है सबसे अधिक उसका ख्याल रखने वाला गुलाम है और दोस्त बनकर गुलाम की तरह हर बात माने अपनी इच्छाओं को पीछे छोड़कर उस लड़की की अच्छी-बुरी हर इच्छाओं को पूरा करने में जमीन आसमान एक कर दे।

इस चक्कर में लड़कियां अनेकों लड़कों और पुरुषों का जीवन बर्बाद कर देती है और अपना जीवन भी कई बार बर्बाद कर लेती है। कई पुरुष और लड़कों पर दोष लगाती है उन्हें अपराधी बनाती है और कई बार खुद दोषी बन जाती है और अपराधी भी मिल जाती है।

उपर्युक्त समस्याओं की रोकथाम के लिए स्त्री और लड़कियों पर समाज सुधारकों और हमारे नेताओं तथा विधाताओं को विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए क्योंकि यह सदियों की बीमारी है जो बार-बार हमारे समाज में घूम रही है। इसकी रोकथाम के लिए बार-बार प्रयास रत रहना होगा।

पुरुष और लड़कों के लिए महिलाओं और लड़कियों के मन मस्तिष्क और ज्ञान शिक्षाओं द्वारा हीन भावना नफरत की भावना दंडनीय अपराधिक घोषित करने की सोच रखना समाज देश और दुनिया के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है। इस तरह के सामाजिक पारिवारिक कलह क्लेश लड़ाई झगड़े का अंत अनंत समय तक नहीं हो सकता है। यह कभी खत्म नहीं हो सकती है और जीवन का नर्क बनना तय है। इसलिए सभी से प्रार्थना है कृपया इस तरह की फूट डालो शासन करो की भावनाओं को और अधिक न बढ़ाएं अपने बुद्धि का प्रयोग समाज को जोड़ने, रिश्तों को जोड़ने वाली समाज कल्याण के लिए उपयोग में  प्रयोग में लाएं। आपकी अति कृपा होगी धन्यवाद।





“मैं बालक आप हो माता”

ममा-मां-मैया,मम्मी-अम्मी जगत जननीं माता। आपके नाम से हमें जो कुछ भी है आता, इन सब में आपसे जुड़ा है हमारा गहरा नाता क्योंकि ब्रह्मा-विष्णु-महेश ने बनाया है हमें आपका बालक और आपको हमारी माता।। आपकी शान में जागूं सारी रात सुनाऊं जगराता।।। कोई करे पसंद,खूब-पसंद और किसी के मन को बिल्कुल भी नहीं भाता, इसमें हमारा कुछ नहीं जाता।।।। कोई सीता के नाम से है पीता-खाता और कोई राम के नाम से है आता-जाता।।।।। ‘उम्र-बीती, युग-बीता जन्म लिया कई बार, स्वभाव-बदली, घर-टूटा, रूठ गया संसार’ ।।।।।। सदैव रहेगा हमारा रिश्ता-नाता क्योंकि हम बालक आप हो माता इसके सिवा हमें कुछ भी नहीं और सब कुछ है आता।।।।।।।



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