दुष्ट भेदभाव प्रचार-प्रसार


 
गरीब भी बहुत समझदार हैं और वह पढ़े-लिखे की भाषा बहुत जल्दी समझ जाते हैं इसलिए आप समझाओ वे जरूर समझ जाएंगे और जब गरीब आपकी बात ना समझे तो मंथन जरूर करना कि आखिर गरीब मेरी समझदारी के साधारण, स्पष्ट शिक्षित भाषा क्यों नहीं समझते हैं?

2014 के चुनाव से पहले से ही हम अधिकतर भारतीयों को पता था राहुल गांधी सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी भीम आर्मी, बीजेपी को छोड़कर अधिकतर पार्टी के नेता और समर्थक लोग आदि के अधिकतर भ्रष्टाचारी हैं, सिर्फ अपने परिवार और रिश्तेदार की विकास चाहते हैं उन्हें सुरक्षित बचाना चाहते हैं ये लोग देश के अन्य लोगों को बर्बाद हो जाने के लिए छोड़ देते हैं। इसलिए तो हमने बीजेपी(B.J.P) को वोट देकर जीत दिलवाई जिससे भाजपा पार्टी देश में उचित शासन व्यवस्था स्थापित करके सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी दंड(सज़ा) दिलवाये लेकिन अभी तक बीजेपी पार्टी अपने आप को बचाने में ही लगी हुई है। इन देश द्रोहियों को हम आम जनता के हाथों सजा दिलवाना चाहती है और जब कोई आम जनता ही इन्हें दंडित करता है या सज़ा देता है तो उन्हें अपराधी बनाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलवा देते हैं । बांग्लादेशी विरोधियों में शामिल हिंदुओं को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर मारा जेल में बंद कर दिया बीजेपी सरकार ने कोई संरक्षण नहीं दी। अतः बीजेपी सरकार का पतन भी होगा और देश की बर्बादी भी होगी। क्योंकि हमारी चुनी हुई सरकार कोई भी कठोर कदम उठाने से डरती है और आप जैसे लोग हम जैसे लोग सरकार को जस्टिफाई करते रहते हैं और लोगों को जागरुक करते रहते हैं। हमें सरकार को कहना चाहिए मांग करनी चाहिए जिसके लिए हमने उन्हें चुना है वह अपने काम को अति शीघ्र करें नहीं तो जो करने वाले हैं उन्हें बुलाए । इस कार्य में देरी होगी दोस्त बीजेपी सरकार भी गिरेगी और देश में भी बर्बादी होगी।


क्या आपको पता है कल के हिंदू आज के कट्टर मुसलमान हैं और आज के हिंदू भविष्य के कट्टर मुसलमान बनेंगे?

आजकल के कट्टर मुसलमान भूतकाल के गद्दार हिंदू नहीं थे उनके पास आसपास के हिंदुओं के सहयोग का अभाव था। इसलिए मुसलमान बनना जीवन को सरल और सहज सहयोग भरा लगा था। किसी के परेशानी में दुःख में यदि सहारा नहीं बनेंगे तो वह आपका शरण और साथ त्याग देंगे।

हां जी,कारण सहित पता है।

हिंदुओं में पता नहीं कहां से रूढ़िवादी सोच जंग की तरह जमकर बैठ गई है जो हटने का नाम ही नहीं लेती है और अपने साथ लोहे को भी मिट्टी बना रही है।

इसके मुख्य कारण है आपसी संबंधों को पुराने होने से पहले नए संबंध स्थापित करने में बहुत देरी होना या हिचकना। शादी-विवाह के संबंधों में बहुत दूर के जातीय समीकरण की खोज करना जबकि आस-पड़ोस या गांव-घर के लोगों को अनदेखा करना क्योंकि लोग क्या कहेंगे? जबकि कृष्ण जी ने अपनी कुंती बुआ के बेटे अर्जुन से अपनी दो-दो बहनों द्रौपदी और सुभद्रा की शादी करवा दिये यह हमें समझाने के लिए की संबंधों या रिश्तों को पुराने होने से बचाने के लिए नया संबंध बनाना यह स्थापित करना जरूरी बोले तो बहुत आवश्यक होता है।

और इसीलिए हम हिंदुओं के बीच एक-दूसरे के सहयोग में और आत्मिक संबंधों में प्रगाड़ता की अत्यधिक कमी का होना है।

अपनी जाति को उच्च मानना और दूसरों को निम्न मानना जातीय भेदभाव की जननी है।

खानपान में शाकाहारी+मांसाहारी+सर्वाहारी+ भिखारी रहन-सहन में, पहनावा, भाषा बोली में भेदभाव करना दूसरों को निम्न स्तर का या नीचे दर्जे का समझना। 

दिल्ली, बिहार, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बंगाल उड़ीसा कर्नाटक तमिल आदि क्षेत्रों या क्षेत्रीय स्तर के लोगों के साथ भेदभाव करना।

इसके अतिरिक्त भी अनेक या कई कारण हैं हिंदू लोगों के बीच भेदभाव के लिए लेकिन मुख्य बिंदु मैंने ऊपर बता दिये हैं।


एक मां ने अपने बेटे को अनेक प्रकार की परेशानी का सामना करते हुए हर हालात से गुजर कर बेटे को पालती है और बेटा रेलवे स्टेशन पर मां को छोड़कर चला गया। क्या बेटे ने अच्छा किया? क्या बेटे को ऐसा करना चाहिए था?

बेटे ने बहुत अच्छा किया क्योंकि मां दुनिया को लूट कर अपने बेटे को सुरक्षित करना चाहती है समृद्ध शक्तिशाली बनाना चाहती है। बेटा बेटी अच्छे हो या बुरे, बेटे के दुश्मनों के लिए गड्ढा खोद-खोद कर रखती है।

अपने ज्ञान अनुसार हर कोई दूसरों को मूर्ख समझता है और अपने को ज्ञानी और सही तथा सत्संगी समझता है यही अज्ञान है और मूर्खता भी है।

गाय, भैंस , ऊंटनी आदि का दूध पीने वाला पापी क्यों नहीं है? जबकि इन बेजुबानों के बच्चों के हिस्से को कुटिलताओं वाले धोखाधड़ी द्वारा छीन लिए जाते हैं। अनार, अमरूद आदि अनेकों जैसे फलों-सब्जियों, फूल- पत्तियों, डंठलों, अनाजों आदि को मनुष्यों द्वारा खाया जाना भी महां पाप की श्रेणी में है क्योंकि ये सभी अपने वंश की संख्या को भविष्य में बढ़ोतरी या सुरक्षित रखने के लिए बीज रूपी होते हैं। अब बताओ कबीर पंथी, राम पंथी में हीनता पूर्ण भेदभाव का प्रचार-प्रसार करना समाज, देश-दुनिया का अपराधी है या नहीं?


एक लोकतंत्र देश में लोगों ने अपने मतों के माध्यम से सरकार को चुना है, जजों को नहीं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट का कोई भी फैसला सरकारों में कार्यरत विधायकों के बने कानून से ऊपर नहीं हो सकती है। उच्चतम न्यायालय को सरकार के बने कानून को या कानून में सुधार संशोधनों को मानने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सरकार के सभी बने कानून पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में चर्चाएं होती है तत्पश्चात उसे पास करके उस पर राष्ट्रपति के सहमति हस्ताक्षर होते हैं जिसे सुप्रीम कोर्ट को मनना ही पड़ेगा और बांकी कोर्ट के जजों को भी मानना होगा और संविधान में संशोधन के रूप में अपनाना होगा ।


धर्म वह है जो धारण अर्थात अपने जीवन में अपनाने योग्य होती है। जैसे पुरुष का धर्म है पुरुषार्थ करनाअर्थात परिश्रम के लिए आकर्षित होना और स्त्री का धर्म है पुरुषार्थ करने वालों को कृतार्थ करना अर्थात खुशी का माहौल बनाना या परिश्रम करने वालों की परेशानी या कठिनाई दूर करना। माता-पिता का धर्म है अपने बच्चों को जीवन की मर्यादा के संतुलन में रखते हुए उसका पालन-पोषण करना और बच्चों का धर्म है जब तक वह वयस्क या जवान नहीं होते तब तक अपने माता-पिता की आज्ञा अनुसार जीवन यापन करना चाहिए। गुरु का धर्म है अपनी अनुभव में अर्जित शिक्षाओं का शिक्षार्थी तक प्रचार प्रसार करना और उन्हें सीखने के लिए आकर्षित करना तथा अपने शिक्षार्थी को शिक्षित करना, शिष्य का धर्म है गुरु की शिक्षा के अनुसार शिक्षा ग्रहण करना और आचरण करना। धर्म हमें सिखाती है बहु उपयोगी पौधा जैसे-तुलसी और पेड़ जैसे-पीपल आदि के प्रति अधिक आदर की भावना रखना और उसकी देख-रेख करना अर्थात सुबह शाम पानी डालना या पूजा करना अर्थात उसके गुणों के प्रति लोगों को जागरूक करना। धर्म हमें सिखाती है की जो लोग महान कार्य करते हैं वे महान होते हैं और उनका गुणगान होना चाहिए अर्थात उसके गुणों का प्रचार-प्रसार जो की पूजा-पाठ इसकी एक अच्छी व्यवस्था बनाती है और जो महान होते हुए भी अपने कर्तव्यों में अभिमान ना करें वे भगवान समान है और उनका भगवान की तरह गुणगान होना चाहिए अर्थात पूजा-पाठ होना चाहिए। सूर्य देव, जल देव, पवन देव, अग्नि देव, वन देव आदि का सूर्य-नमस्कार के समान आधार होना चाहिए क्योंकि सूर्य, चांद,पवन, अग्नि, जल, पेड़ पौधों आदि के गुणों और महत्व को बताने के लिए धार्मिक पूजा-पाठ सबसे अच्छी व्यवस्था है। धर्म हमें बताती है की गंगा जैसी साफ-सुथरी-पवित्र जिसमें बहुत अधिक रोगों को नाश करने की शक्ति है ऐसी नदियों का पूजा-पाठ होना चाहिए जिससे लोगों को उसके महत्व और गुणों का ज्ञान हो सके और जिसे भी गंगा जैसी नदियों के उपकार के बारे में पता चले उसका शीश उस नदी के सम्मान में अपने आप ही झुक जाए। ऐसे अनेक धार्मिक उदाहरण हैं जो धारण करने योग्य है और यही धर्म है। हिंदू-सनातनी धर्म भी हमें यही सिखाती है। तो आप लोग बताओ? क्या हमें धार्मिक या धर्म को धारण करने वाला नहीं बनना चाहिए। कृपया धर्म के प्रति नफरत फैलाने वाले दोगले मेरे सवाल का जवाब ना दें आपकी अति कृपा होगी धन्यवाद्।


कमाल हो गया धोती फाड़ के रुमाल बन गया।।

बगल में हैं स्कूल, लेकिन अलग-अलग बन गए हैं रूल।। 

गमले में जम गए धूल और हथेलियां पर उगा रहे हैं फूल।।


मौसम मेरा, समय मेरा, समाधान मेरा। विधान-विधाता का, लक्ष्य M.T.G.N का, विकास भारत माता का।। जय हिंद जय श्री राम! पढ़ो-लिखो बनो महान!।।


देखी मैंने दिवाली🎆🔥हमारी🎎 दीप🪔 नहीं दिल💔 जले🔥 हैं खाली🎃 आसमान की धमाल आतिशबाजी🎇 घरों में🏠 आग🔥 लगाने वाली👹 माता लक्ष्मी और गणेश जी के जगह बुला दी काली👻 देखी मैंने दिवाली 🎆🎉 हमारी 👫


Dekhi maine Diwaali 🎆🔥 Hamaari🎎 Deep🪔nhin Dil💔 Jale🔥 hain khaali🎃Aasmaan ki dhamaal Aatishbaazi🎇 Gharon🏠 mein Aag🔥 lagaane waali👹Maata Laxmi aur Ganesh ji k jagah bulaa-di Kaali👻Dekhi Maine Diwaali 🎆🎉 Hamari 


आप तो पढ़ लिख चुके हो और पढ़ाई लिखाई का उपयोग करके कमाई भी कर रहे हो तो अपनी कमाई के चार हिस्सा करो और एक हिस्सा स्कूल-ट्यूशन के बच्चों को किताब खरीद कर दे दो या स्कूल-ट्यूशन को दान कर दो।

 पढ़-लिखकर दारु बाज, रंडी बाज, विदेशी कंपनियों के गुलामी करने वाले, अच्छे लोगों को लूटने वाले और बुरे लोगों का सहारा बनने वाले वकील, पुलिस, न्यायाधीश, डॉक्टर, नेता, अश्लीलता परोसने वाले अभिनेता, एक्टर, हीरो-हीरोइन, कुत्ता-कुतिया घूमाने वाले और toilet, Potty कराने वाले तथा मजदूरों से नफरत करने वाले मालिक-मालकिन विद्यालय और कोचिंग सेंटर पूजा पाठ और भगवान से नफरत करने वाले तथा देशद्रोहियों की शिक्षा देने वाले शिक्षक आदि ये सभी अच्छे खासे पढ़े लिखे हैं और वास्तव में इन्होंने भारत वासियों का झांट पाड़ लिया है। और अनपढ़ की बात करो तो आपके कंपनी की महंगी से महंगी कार बनाने वाले या किसी भी कंपनी के हवाई जहाज बनाने वाले बेस स्ट्रक्चर पर काम करने वाले मजदूरों में से अधिकतर कम पढ़े-लिखे हैं या अनपढ़ हैं, केवल न्यू टेक्नोलॉजी डिजाइनर के साइंटिस्ट या इंजीनियर को छोड़कर या जोड़कर अधिकतर कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ हैं। फसल उगाने वाले अधिकतर किसान कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ हैं, जमीन चीरकर पानी निकालने वाले जिससे लोगों की प्यास बुझती है अधिकतर कम पढ़े-लिखे हैं या अनपढ़ हैं, जिस बिल्डिंग में बैठे हो या काम करते हो उसे बनाने वाले उसकी हर चीज बनाने वाले अधिकतर लोग कम पढ़े लिखे हैं या अनपढ़ हैं, कंपनी में या घरों आदि में बिजली की वायरिंग फिटिंग करने वाले, फर्नीचर बनाने वाले अधिकतर कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ हैं, जिस सड़क पर पैदल चलते हो या गाड़ी चलाते हो उसे बनाने वाले अधिकतर लोग कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ हैं। फल-सब्जी, दूध उत्पादन करने वाले मांस-मछली उत्पादन करने वाले अधिकतर लोग कम पढ़े-लिखे हैं या अनपढ़ हैं, लोहे का सामान एक कील से लेकर के पानी के जहाज, हवाई जहाज तक या पत्थर के एक ईंट से लेकर के सरदार वल्लभ भाई पटेल या कृष्ण जी की मूर्ति तक, जूते जुराब से लेकर के कोट पेंट-टाई, बेल्ट, टोपी चश्मा तक मुख्य रूप से बनाने वाले कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ हैं, पुलिस में सिपाही या फौजी में देश की आन बान शान और रक्षा के लिए मर मिटने वाला, लड़ने वाला योद्धा या तो कम पढ़े लिखे होते हैं या अनपढ़ होते हैं। अधिकतर लोग पढ़-लिख कर दूसरों को सफाई से ठगने की कला सीखते हैं और इसे स्मार्टनेस कहते हैं शिक्षित नहीं कहते। बांक़ी के पढ़े लिखे सिर्फ लूटने के लिए बने हैं वह भी मेहनत करने वालों का।


चावल, गेहूं, दाल, चीनी, तेल, सभी अधिकतर लोगों को राशन कार्ड पर चाहिए, सब्सिडी में चाहिए। किसान के मेहनत परिश्रम की उपज के लिए उचित मूल्य देने को आपके पास रुपये नहीं हैं । यदि आलू, प्याज टमाटर आदि साग-सब्जी अनाज की कीमतों में वृद्धि हुई तो लोग सरकार गिरा देंगे किसानों को उसके उपज का उचित मूल्य कौन देगा?


फिल्म और वीडियो शूटिंग के नाम पर लड़कियों से छेड़खानी और रंडी बाजी का धंधा करने वाले लोग आसाराम जी को ठीक से जाने बिना कुछ भी ऊल-जलूल, अनाप-शनाप बोल रहे हैं बीजेपी के सरकार में अभिव्यक्ति की ओर कितनी आजादी चाहिए? आसाराम जी  के व्यक्तिगत जीवन से छेड़छाड़ कांग्रेस सरकार में चालू हुई थी लेकिन जेल उन्हें बीजेपी सरकार आने के बाद भेजा गया था। यदि व्यक्तिगत जीवन से छेड़छाड़ की जाए तो देश के 98% लोग दोषी पाए जाएंगे उनमें से आप भी हो और मैं भी हूं। अपने मंच का सदुपयोग करो और देशभक्ति के कार्य करो, देश का गौरव बढ़ाने वाले वीडियो शूटिंग किया करो। बांकी रुपए तो रंडियां भी हीरोइन बनकर कमाती है और उन रुपयों से दिवाली मनाती है, सिगरेट, दारू, भी पीती है।


दुनिया भर में सबसे अधिक वैज्ञानिक और इंजीनियर भारतीय  हैं। क्योंकि पढ़े-लिखे स्मार्ट भारतीयों को भारतीय होने पर गर्व का भाव नहीं ठहरती है इसलिए धन के लिए मन-मस्तिष्क को बेच देते हैं या बिक जाते हैं।


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