2025 0peration Sindoor

 



पाकिस्तानी आतंकवादियों के कई ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा किया गया ऑपरेशन 💥सिंदूर💥, वहां के आतंकवादियों के जलने के लिए बना दिया 🔥 तंदूर 🔥।। 

जिहादी-आतंकवादी सोच वाले पाकिस्तानी सेना का घमंड हुआ चूर-चूर-चकनाचूर।। पाकिस्तानी जिहादी नेता और सेना के मुखिया देश छोड़कर भागने के लिए हो गये हैं मजबूर।। बांग्लादेश, चीन और ईरान अब रहने लगे हैं पाकिस्तानी से दूर-दूर।।

 अब आतंकवादियों को मौत के साथ मिलने लगे हैं जहन्नुम के हूर-नूर और इसलिए मौत की भीख मांग रहे हैं पर जीने के लिए हैं बहुत मजबूर।।

 जय जवान,जय हिंदुस्तान।। बढ़ाओ अपना और अपने देश का मान-सम्मान और शान।। किंतु सदैव रखना अपने दुश्मनों-दोस्तों पर समान रूप से ध्यान क्योंकि हिंदुस्तान पर आक्रमण करने के ताक में है बांग्लादेश, तुर्कमेनिस्तान सबसे ज्यादा चीन और पाकिस्तान।।


BLA, TTP, Pashtoona etc all are fighting with Police of Pakistan with the only hope in their eyes that somehow Indian might be helpful to support with arms+army 🪖 and armour.


धर्म वह है जो धारण अर्थात अपने जीवन में अपनाने योग्य होती है। जैसे पुरुष का धर्म है पुरुषार्थ करनाअर्थात परिश्रम के लिए आकर्षित होना और स्त्री का धर्म है पुरुषार्थ करने वालों को कृतार्थ करना अर्थात खुशी का माहौल बनाना या परिश्रम करने वालों की परेशानी या कठिनाई दूर करना। माता-पिता का धर्म है अपने बच्चों को जीवन की मर्यादा के संतुलन में रखते हुए उसका पालन-पोषण करना और बच्चों का धर्म है जब तक वह वयस्क या जवान नहीं होते तब तक अपने माता-पिता की आज्ञा अनुसार जीवन यापन करना चाहिए। गुरु का धर्म है अपनी अनुभव में अर्जित शिक्षाओं का शिक्षार्थी तक प्रचार प्रसार करना और उन्हें सीखने के लिए आकर्षित करना तथा अपने शिक्षार्थी को शिक्षित करना, शिष्य का धर्म है गुरु की शिक्षा के अनुसार शिक्षा ग्रहण करना और आचरण करना। धर्म हमें सिखाती है बहु उपयोगी पौधा जैसे-तुलसी और पेड़ जैसे-पीपल आदि के प्रति अधिक आदर की भावना रखना और उसकी देख-रेख करना अर्थात सुबह शाम पानी डालना या पूजा करना अर्थात उसके गुणों के प्रति लोगों को जागरूक करना। धर्म हमें सिखाती है की जो लोग महान कार्य करते हैं वे महान होते हैं और उनका गुणगान होना चाहिए अर्थात उसके गुणों का प्रचार-प्रसार जो की पूजा-पाठ इसकी एक अच्छी व्यवस्था बनाती है और जो महान होते हुए भी अपने कर्तव्यों में अभिमान ना करें वे भगवान समान है और उनका भगवान की तरह गुणगान होना चाहिए अर्थात पूजा-पाठ होना चाहिए। सूर्य देव, जल देव, पवन देव, अग्नि देव, वन देव आदि का सूर्य-नमस्कार के समान आधार होना चाहिए क्योंकि सूर्य, चांद,पवन, अग्नि, जल, पेड़ पौधों आदि के गुणों और महत्व को बताने के लिए धार्मिक पूजा-पाठ सबसे अच्छी व्यवस्था है। धर्म हमें बताती है की गंगा जैसी साफ-सुथरी-पवित्र जिसमें बहुत अधिक रोगों को नाश करने की शक्ति है ऐसी नदियों का पूजा-पाठ होना चाहिए जिससे लोगों को उसके महत्व और गुणों का ज्ञान हो सके और जिसे भी गंगा जैसी नदियों के उपकार के बारे में पता चले उसका शीश उस नदी के सम्मान में अपने आप ही झुक जाए। ऐसे अनेक धार्मिक उदाहरण हैं जो धारण करने योग्य है और यही धर्म है। हिंदू-सनातनी धर्म भी हमें यही सिखाती है। तो आप लोग बताओ? क्या हमें धार्मिक या धर्म को धारण करने वाला नहीं बनना चाहिए। कृपया धर्म के प्रति नफरत फैलाने वाले दोगले मेरे सवाल का जवाब ना दें आपकी अति कृपा होगी धन्यवाद्।

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