“मुझे भी समझना है”


 

मुझे भी समझना है

 “धेनु से कहना, छेनू बोल रहा हूं, छेद! करने आ रहा हूं” आपको कुछ समझ में आया? «नहीं», मुझे भी नहीं आया। आशा है हम दोनों मिलकर आवाज़ लगाएं «मुझे भी समझना» है ।

(1) क्या? आपको पता है! अपने भविष्य को जानने के लिए हमें अपने स्वरूप को सूक्ष्म बनाना होता है और घटनाओं को जोड़ना होता है तब जाकर हमें भविष्य की योजनाओं का या ईश्वर की योजनाओं का पता चलता है। इसमें हमें यह भी पता चलता है की भूतकाल में यदि हम किसी घटना को बदल भी दें तब भी भविष्य बदला नहीं जा सकता है अर्थात भविष्य की घटनाओं को बदला नहीं जा सकता है यदि वह बीत चुकी है। क्योंकि भूतकाल से लेकर के भविष्य काल तक की दूरी का आकार बहुत बड़ा है और बड़ी चीजों की चाल-चलन(moment) हमें सीधी नजर आती है जबकि भूतकाल की तय की गई सभी दूरियां छोटे-छोटे हिस्सों में कटे होते हैं जिनकी चाल-चलन(moment) हमें टेढ़ी-मेढ़ी(curvature movement) नजर आती है। इसे समझने के लिए क्वांटम(Quantum) फिजिक्स(physics) हमारी मदद करती है। जैसे यदि हम अमेरिका से भारत पहुंच चुके हैं तो इस यात्रा को हम भूतकाल में जाकर पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण किसी भी दिशा से पूरा कर सकते हैं लेकिन पहुंचना तो भारत में ही है। अर्थात वर्तमान वही है तो भविष्य जो बीत चुके हैं बदल नहीं सकते हैं और आने वाला भविष्य भी नहीं बदलेगा।

2) क्या? आपको पता है! किसी पूर्ण या सामान्य अज्ञात लोगों को अधिक गति( fast speed) द्वारा उचित या ठीक तरह से देखने, सुनने और समझने में उतने ही समय(time) लगते हैं जितने सामान्य गति(normal speed) द्वारा उचित या ठीक तरह से देखने, सुनने और समझने में समय(time) लगते हैं।

3) क्या? आपको पता है! किसी भी आकार( Shape ,size and height) की सामान्य गति से तेज घूमते हुए व्यक्ति,वस्तु या स्थान आदि हमें गोल या वृताकार दिखाई देते हैं। यह हमारी देखने, सुनने और समझने की सीमा को निर्धारित करते हैं।

4) क्या? आपको पता है! इस दुनिया की हर जीव-जंतु और वस्तु आदि सभी या तो गाड़ी या सवारी की तरह हैं जैसे यदि बस एक गाड़ी है और मैं उस पर बैठा हुआ सवारी हूं। इसके बाद जो कपड़े मैंने पहने हैं उसके लिए मैं गाड़ी हूं और कपड़े,थैले या मक्खी, जूंएं आदि  सवारी हैं और हम जानते हैं हमारी पृथ्वी भी गतिमान है अतः बस के लिए पृथ्वी एक गाड़ी है और बस एक सवारी है।

(5) क्या? आपको पता है! गुरुत्वाकर्षण या आकर्षण बल क्या?,क्यों? कैसे होती है? 

समय(time) निराकार(shapeless) है तो इसे लहर(wave) भी कह सकते हैं। समय की टेढ़ी-मेढ़ी चाल-चलन(curvature moment) होती है इसकी काल्पनिक जाल पूरे ब्रह्मांड में फैली हुई है इस जाल पर जो भी वस्तुएं (Sun, moon, star, planets, satellite etc) हैं वे अपने भार के अनुसार कटोरे का आकार बनाती हैं। इस कटोरे आकार के ढलान में आसपास की वस्तुएं खिंचती हुई चली जाती है इस खिंचाव को गुरुत्वाकर्षण या आकर्षण बल कहते हैं।

(6) क्या? आपको पता है! अधिक जल ग्रहण करने वाले और शाकाहारी थल तथा वायु में रहने वाले जीव-जंतुओं, वनस्पतियों, पशु-पक्षियों और व्यक्तियों को ठंडे मौसम और जल से अधिक परेशानी नहीं होती है अर्थात इन्हें सम जलवायु की तरह प्रतीत होती है किंतु गर्मी में इन्हें बहुत अधिक परेशानी होती है जबकि कम जल ग्रहण करने वाले मांसाहारी थल तथा वायु में रहने वाले जीव-जंतुओं, वनस्पतियों, पशु-पक्षियों और व्यक्तियों के लिए गर्मी का मौसम सम जलवायु की तरह प्रतीत होता है।

(7) अपने ज्ञान अनुसार हर कोई दूसरों को मूर्ख समझता है और अपने को ज्ञानी और सही तथा सत्संगी समझता है यही अज्ञान है और मूर्खता भी है।

(8)गाय, भैंस , ऊंटनी आदि का दूध पीने वाला पापी क्यों नहीं है? जबकि इन बेजुबानों के बच्चों के हिस्से को कुटिलताओं वाले धोखाधड़ी द्वारा छीन लिए जाते हैं। अनार, अमरूद आदि अनेकों जैसे फलों-सब्जियों, फूल- पत्तियों, डंठलों, अनाजों आदि को मनुष्यों द्वारा खाया जाना भी महां पाप की श्रेणी में है क्योंकि ये सभी अपने वंश की संख्या को भविष्य में बढ़ोतरी या सुरक्षित रखने के लिए बीज रूपी होते हैं। अब बताओ कबीर पंथी, राम पंथी में हीनता पूर्ण भेदभाव का प्रचार-प्रसार करना समाज, देश-दुनिया का अपराधी है या नहीं?


 (9)     सवाल जो समझदारों को भी मूर्ख घोषित करते हैं और जिसे पढ़कर IAS या IB या CBI दुनियां को मूर्ख बनाकर लूटते रहे हैं । निम्नलिखित सवालों का जवाब आपको पता होगा? क्या आपको इसका जवाब सामान्य ज्ञान के रूप में पता है या AI Google ज्ञान के रूप में पता है?

आपके सामान्य ज्ञान( G.K) को AI Google ज्ञान धूल में मिला सकती है।

(1)  100 में से 10 कितनी बार घटा सकते हैं?

उ०(1) इसके लिए Ai का जवाब =>(100-10 = 90 केवल एक बार घटाई या ख़र्च या कम या व्यय कर सकते हैं।)

क्योंकि दूसरी बार आप को 100में से नहीं बल्कि 90में से 10 घटाना पड़ेगा जैसे (90-10=80) इसमें First Contradiction है कि 100में से पहले 1 को घटाई गई होगी जैसे (100-1=99) तो दूसरी बार 99में से घटाई गई होगी जैसे (99-1=98) इस आधार पर 100में से 10 एक बार भी नहीं घटाई जा सकती है। Second Contradiction यह है कि 100₹= 10₹×10₹(अर्थात10 बार 10 होती है तो हम 100 में से 10 को 10 बार घटा या ख़र्च या कम या व्यय कर सकते हैं।

ठीक इसी प्रकार से कई प्रश्न-उत्तर बन सकते हैं कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं:

(2) किसी 20 लीटर वाले खाली बाल्टी में एक-एक करके छोटे आकार के कितने रसगुल्ले रख सकते हैं?

उ०(2) इसमें Ai का उत्तर होगा केवल एक रसगुल्ला रखने के बाद बाल्टी खाली नहीं रहेगी और खाली बाल्टी नहीं कहलाएगी किंतु हम जानते हैं कि 20 लीटर वाले खाली बाल्टी में एक से अधिक छोटे-बड़े रसगुल्ले रख सकते हैं। और इसे सिद्ध भी कर सकते हैं।

(3) एक 10 लीटर वाले खाली मटके के अंदर सामान्य आकार के स्टील गिलास का उपयोग करके कितने गिलास पानी से मटके को भरा जा सकता है?

उ०(3)

(4) 1 लीटर वाली खाली बोतल में 3mm  त्रिज्या वाली कितने कंचे से बोतल को भर सकते हैं?

उ०(4)

(5) एक वृद्ध व्यक्ति के गंजे सिर में कितने बाल ट्रांसप्लांट कर सकते हैं ?

उ०(5)

(6) एक blank(कोरा या खाली)A4 paper sheet (कागज) पर 0.5 वाले Ball Pen 🖊️ से कितनी सीधी-सीधी रेखाएं खींचे जा सकते हैं? या 0.5 sizes k kitne dots or points or spots ko clearly show कर सकते हैं ?

उ०(6)


आकाश में आकाशगंगा है इसमें ब्रह्मांड है इसमें ग्रह-उपग्रह अर्थात पृथ्वी ग्रह, चांद-तारे-सूर्य आदि हैं पृथ्वी ग्रह पर महाद्वीप-महासागर-नदियां आदि हैं। एशिया महाद्वीप में भारत नाम का एक देश है। इसमें नई दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है। इसमें दक्षिण-पश्चिम जिला में समालखा गांव है। इसमें M.T.G.N GOALS MELA One-Stop यहां पर मैं हूं।


मौसम मेरा, समय मेरा, समाधान मेरा। विधान-विधाता का, लक्ष्य M.T.G.N का, विकास भारत माता का।। जय हिंद जय श्री राम! पढ़ो-लिखो बनो महान!।।

Comments

  1. भाई इस किताब को पूरा लिखने में कितने करोड़ रुपए लोगे?

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  2. https://educational3012.blogspot.com/2020/08/blog-post.html

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